जौनपुर। जिले के वरिष्ठ समाजसेवी आगा जाफर आब्दी के चालीसवे की मजलिस रविवार को मोहल्ला भंडारी स्थित इमामबारगाह में आयोजित की गयी है। मजलि...
जौनपुर। जिले के वरिष्ठ समाजसेवी आगा जाफर आब्दी के चालीसवे की मजलिस
रविवार को मोहल्ला भंडारी स्थित इमामबारगाह में आयोजित की गयी है। मजलिस को
कोलकता के इमाम जुमा मौलाना अतहर अब्बास रिजवी ने खिताब फरमाते हुए कहा कि
इस्लाम धर्म में आतंकवाद का कोई स्थान नही है। जो लोग ऐसा कृत्य कर रहे
है। वह इस्लाम विरोधी है और इस्लाम धर्म को बदनाम करने की साजिष कर रहे है।
उन्होने कहा कि हजरत मोहम्म्द साहब का दीन इस्लाम हमेषा अमन व षांति का
पैगाम दिया है। आज कुछ लोग सउदी अरब में हजरत मोहम्मद साहब के कब्र को
दूसरे जगह स्थानांतरित कर उसको मिसमार करना चाह रहे है। जो सरासर गलत है ये
वही लोग है जो चाहते है कि इस्लाम धर्म का वजूद मिट जाये पर ऐसे लोग अपने
मकसद में कभी कामयाब नही हो पायेगें। मौलाना अतहर अब्बास ने कर्बला के
प्यासे षहीद हजरत इमाम हुसैन का जिक्र करते हुए कहा कि आज अगर इस्लाम
दुनिया में बाकी है तो वोह हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानियों की देन है।
उन्होने कहा कि कर्बला के तपते जंगल में जुल्म व बर्बरियत के खिलाफ आवाज
उठाने पर जालिम यजीद ने इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों और परिजनों को भूखा व
प्यासा रखकर बर्बरता पूर्वक षहीद कर दिया। इमाम हुसैन ने अपनी व अपने
परिजनों की कुर्बानी देकर यह साबित कर दिया कि जालिम चाहे जितना षक्तिषाली
हो पर उसके सामने कभी सर नही झुकाना चाहिए। इस मौके पर सयोंजक हसन मेंहदी
आब्दी रूमी, जमीरूल हसन रिजवी, अल्लन भाई, सलीम पठान, षबीह हसन रिजवी,
जौहर, मिर्जा जावेद सुल्तान, नजमुल हसन नजमी, असगर हुसैन जैदी आदि के साथ
बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


