जौनपुर। शहर के उर्दू बाजार के सनबीम स्कूल में रविवार को मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना महमूदुल हसन ने कहा कि...
जौनपुर। शहर के उर्दू बाजार के सनबीम स्कूल में रविवार को मजलिस का आयोजन
किया गया। मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना महमूदुल हसन ने कहा कि कर्बला
की मार्मिक घटना से मानवीय मूल्यों का महत्व बढ़ता है। हजरत इमाम हुसैन की
कुर्बानी ने मानवीय मूल्यों के महत्व को बढ़ा दिया। उन्होने इन्सानियत को
जिस मुकाम तक पहुंचा दिया उसे कयामत तक नहीं भुलाया जा सकता। इस्लाम गरीबों
व मजलूमों का हिमायती है। जुल्म की इस्लाम में कोई गुजांइस नहीं। मौलाना
ने कहा कि यदि दुनियां हजरत इमाम हुसैन की शिक्षाओं का अनुसरण करे तो
मजबूती से जालिम ताकतों के मुकाबले में खड़ी हो सकती है। विश्व शान्ति वक्त
की जरूरत है। इस्लाम के अनुयायी इस बात में अग्रणी भूमिका निभायें। मजलिस
में डाक्टर एबाद अली ने सोजखानी की तथा शायरों ने अपने कलाम पेश किये।
अंजुमन कौसरिया रिजवी खां ने नौहा व मातम किया। मजलिस में शकील अहमद,
तहसीन अब्बास सोनी, डा0 शमीम हैदर, नजमुल हसन, दावर नमाज, एएम डेजी, जमीर
हसन, असलम नकवी, हासिम खां, मुस्तफा शमसी, हारून अंसारी, परवेज कुरैशी,
तालिब रजा, नासिर आदि मौजूद रहे।



