जौनपुर। मुसलमानों के ख़लीफ़ा व शियों के पहले इमाम मौला हज़रत अली अलैहिस्सलाम की पैदाइश माह रजब के अवसर पर रविवार रात्रि में स्थान मोहल्ला ...
जौनपुर। मुसलमानों के ख़लीफ़ा व शियों के पहले इमाम मौला हज़रत अली
अलैहिस्सलाम की पैदाइश माह रजब के अवसर पर रविवार रात्रि में स्थान मोहल्ला
अजमेरी में सै0 अली शब्बर के निवास स्थान पर बज़में मौलाये कायनात महफ़िल का
आयोजन किया गया जिसमें शायरों ने मौला अली की शान में कसीदे (कविताएं) पढ़
श्रधालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महफ़िल की शुरुआत घर्मगुरु मौलाना सै0 सफ़दर हुसैन जै़दी ने क़ुरआन की
तेलावत हदीसे केसा से शुरु किया। और प्राकृतिक आपदा भूकम्प से लोगों के
जान-माल के सुरक्षा के लिए दुआ करायी। इस अवसर पर मौलाना सै0 सफ़दर हुसैन
ज़ैदी ने कहा कि हज़रत अली के जीवन से हमें सीखना चाहिए अल्लाह ने उन्हें
सारी बुलन्दी दे रखी थी लेकिन वो हमेशा गुरुर घमण्ड से दूर रहे तथा आपने
सदैव ग़रीबों मजबूरों बेसहारा की मदद के लिए उनके घर जा कर उनकी तमाम
ज़रुरतों को पूरा कर उनकी मदद करते थे। उन्होंने आज मौजूदा भूकम्प के
सिलसिले में बताया कि लोग ख़ोदा की ताक़त को समझें समझे सिर्फ अपने बल के
ऊपर नाज़ न करें। ख़ोदा मिन्टों में अपनी ताक़त दिखा देता है और अपनें इस
इशारे से जीवन शैली को बदलने का इशारा देता है। अपनी ख्वाहिशों को
नियन्त्रित रखें तथा प्राकृतिक के साथ छेड़-छाड़ न करें एवं प्रकृति में बाधा
न उत्पन्न करें। ज़लज़ले से बचने का उपाय करना चाहिए, भय व अफ़वाहों से दूर
रहना चाहिए।
डा0 पी0सी0 विश्वकर्मा ने पढ़ा कि मुश्किल मेें कभी मैने जो नाम उनका लिया
है। आसान यक़ीनन मेरा हर काम हुआ है।। उनसे बड़ा है कौन भला इल्मों अमल में।
वो इल्म के दरवाज़ा हैं- अहमद ने कहा है।।
शोला जौनपुरी ने पढ़ा किबूतोराब आये तो जलने लगे मिट्टी के चिराग़। ईद किस
शान से इसलाफ के घर आई है।।
कैफ़ी मोहम्मदाबादी ने पढ़ कि रुकती है कहां देखें थकी हारी ये दुनियां।
फ़िरदौस की हद में तेरा नक़्शे कफ़े पा है।। महफ़िल में फरहत इरफानी, नातिक
गाजीपुरी, वहदत, आमिर कजवांवी, कैफ़ी मोहम्मदाबादी, मंजूर जैदी, अब्बास,
कम्बर, शादाब, नजफ़, हेजाब इमामपुरी, जरगाम सैदनपुरी, अदीब, ताबिश काज़मी,
सलमान कलापुरी आदि शायरों ने अपना कलाम पेश किया। महफिल की नेज़ामत अब्बास
काज़मी ने किया। अन्त में आये हुए श्रधालुओं के प्रति सै0 अली शब्बर ने आभार
जताया। इस अवसर पर सै0 मो0 मुस्तफा, मुफ़ती अनवार हैदर, मौलाना आबिद रज़ा,
मौलाना मुस्तफ़ा इस्लामी, मौलाना सै0 दिलशाद, नजमुल हसन ‘नजमी’, कायम,
अनवारुल अन्जुम जौनपुरी आदि लोग उपस्थित रहे।



