आज के ज़माने में बच्चों को एजुकेशन दी जाती है तो यह सोंच के नहीं की किरदार बनेगा , एखलाक़ पैदा होगा बल्कि यह सोंच के दी जाती है की इस ज...
आज के ज़माने में बच्चों को एजुकेशन दी जाती है तो यह सोंच के नहीं की किरदार बनेगा , एखलाक़ पैदा होगा बल्कि यह सोंच के दी जाती है की इस ज्ञान से धन कितना कमाया जा सकेगा |
अल्लामा अकीउल गरवी की एक मजिस सुन रहा था जिसमे उन्होंने कहाँ आज दीन भी इंडस्ट्री बन गया है | कुरान बेचा जाना हराम है | वाजिबात की तालीम देने की उजरत लेना हराम है |
कुरान पढ़ाने की उजरत लेना हराम है | अज़ादारी भी अब इंडस्ट्री बन गयी है | अज़ादारी को इंडस्ट्री बंनने से बचा लें जो बहुत हद तक इंडस्ट्री बन चुकी है | इन्टरनेट की दुनिया ने हमें और आपको मौक़दिया है की हुसैनियत को अज़ादारी को आगे बढाए और बहुत सी वेबसाईट फी सबिलिल्लाह यह काम बखूबी कर रही हैं और कुछ अज़ादारी के नाम पे पैसे कमा रही हैं | इन्हें देख के अल्लामा के लव्ज़ याद आ गए की अज़ादारी को इंडस्ट्री बंनने से बचा लें जो बहुत हद तक इंडस्ट्री बन चुकी है |
अल्लामा अल्लामा अकीउल गरवी की यह मजलिस ज़रूर सुनें | और अल्लामा के लव्जों में ही इसे सुनने के बाद जी चाहे वाह वाह करना और जी चाहे आह आह करना और दिल चाहे चुप रहना |


