शब् ऐ शहादत मौला अली (अ स ) २१ रमज़ान आशूरा से काम नहीं इसलिए इसे ऐसे मनाओ की दुनिया पूछे आज किसका ग़म है | हज़रत अली (अ स ) से हज़रत मुहम्म...

शब् ऐ शहादत मौला अली (अ स ) २१ रमज़ान आशूरा से काम नहीं इसलिए इसे ऐसे मनाओ की दुनिया पूछे आज किसका ग़म है | हज़रत अली (अ स ) से हज़रत मुहम्मद (स) ने कहा ऐ अली तुम्हे ज़रबत लगेगी ज़हर बुझी जिस से तुम्ह शहीद होंगे तो क्या उस वक़्त तुम सब करोगे |
मौला अली (अ स ) ने सवाल का जवाब देने की जगह एक सवाल किया क्या जब मैं दुनिया से जाऊँगा तो हक़ पे रहूँगा ,ईमान साबित रहेगा हज़रत मुहम्मद स ने कहा यक़ीन | तब मौला अली (अ स ) ने जवाब दिया फिर तो मेरे लिए यह सब्र का नहीं शुक्र का मक़ाम होगा |
तभी तो मौला अली अस के मुँह से ज़रबत लगते ही निकला
‘Fuztu Bi Rabbil Kaaba’
एस एम् मासूम


