जौनपुर। जनपद में शुक्रवार को गमगीन माहौल में यौमे आशूरा मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने आंसूओं के साथ ताजियों को अपनी-अपनी कर्बलाओं में सुपु...
इसी क्रम में बरसठी क्षेत्र में भन्नौर, बरसठी, कटवार, निगोह, परियत, आलमगंज, भदरांव, पुरेसवां तक के लोग ताजिये को लेकर अपने—अपने कर्बला तक शांति पूर्व ढंग ले गये इस में कई जगह हिंदुओं ने भी उनके साथ आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इसी क्रम में करंजाकला बाजार से ताजिया का जुलूस अपने कदीम रास्ते से होते हुए करंजाखुर्द गांव पहुंचा वहां से करंजाखुर्द इमामबारगाह से दोनों गांवों की अंजुमनों ने मिलकर ताजिया उठाया और 7 किलोमीटर दूर करबला (बेगमगंज सदर इमामबाड़ा) लेकर रवाना हुए मौला के अलमदार अलम और ताजिए का चौखट लेकर या हुसैन या हुसैन की सदा देते हुए चलते रहे शिकारपुर होते हुए चम्बलतारा बाजार पहुंचा यहां से प्यारेपुर की ताजिया को साथ में लेकर आगे बढ़ते हुए बेगमगंज स्थित इमामबाड़ा पहुंचा जहां पर ताजिए को ठंडा किया गया।
इसी क्रम में बख्शा क्षेत्र में 10 मोहर्रम को सभी ताजिए उत्तरपट्टी स्थित कर्बला में सुपुर्द ए आब कर दिये गये। इसके पूर्व उत्तरपट्टी, बर्रेपट्टी, दक्खिनपट्टी, पूराशेरखां, मोहम्मदपुर, महिमापुर, सदरुद्दीनपुर, बेलापार, नौपेड़वा, कर्तिहा आदि क्षेत्रों में इमाम चौक पर रखे हुए ताजिये उठाये गये। जिसके साथ स्थानीय अंजुमनें नौहा और मातम करती हुई मखदूम शाह स्थित रौजे ए इमाम हुसैन पर पहुंची जहां एक मजलिस आयोजित हुई जिसे मौलाना ने खेताब किया। वहां से सभी ताजिए जुलूस की शक्ल में एक साथ कर्बला के लिए रवाना हुए। शाम करीब चार बजे सभी ताजिये कर्बला पहुंचे जहां सभी अंजुमनों ने अपने अपने दस्ते के साथ नौहा और मातम किया। इसके बाद सभी अंजुमनों के मेम्बरान जंजीर, कमा और अंगारे का मातम किया और जुलजनाह को रौजे हजरत अब्बास से मिलाया गया और सभी ताजियों को कर्बला के तालाब में सुपुर्द ए आब कर दिया गया। जिसके बाद मजलिसें शामे गरीबां आयोजित हुई जिसे मौलाना गुलाम बाकिर ने खेताब किया।


