शबे शहादत बिमारे कर्बला इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम मरहूम सिप्ते हैदर के इमामबारगाह में मजलिस हुई जिसमें नवाज़ हैदर व हमनवा ने सोज़ख़्वानी...
शबे शहादत बिमारे कर्बला इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम
मरहूम सिप्ते हैदर के इमामबारगाह में मजलिस हुई जिसमें नवाज़ हैदर व हमनवा ने सोज़ख़्वानी की मजलिस को ज़ाकिरे अहलेबैत जनाब सुल्तान हैदर साहब ने खिताब किया इंसानियत की ऐसी बेमिसाल पेश की जब कर्बला की जंग में दुश्मनी अदा करने वाले को अपने यहां पनाह दी थी और पानी पिलाया मजलिस के बाद हज़रत अब्बास अ0स0 का अलम शबीहे ताबूत हज़रत इमाम ज़ैनुलआब्दीन अ0स0 का जुलूस गांव की अंजुमन शमशीरे हैदरी ने गांव के सदर इमामबारगाह से होते हुए वकील साहब के इमामबारगाह से होते हुए पूरे गांव में गश्त करते हुए वापस मरहूम दरोगा जी के इमामबारगाह में ढंडा किया गया जुलूस में सलमान हैदर, शिराज़ हैदर,असलम ज़ैदी,इमरान ज़ैदी, शानू गांधी, गौहर, वसी हैदर और आज़म ज़ैदी मौजूद रहे।
मरहूम सिप्ते हैदर के इमामबारगाह में मजलिस हुई जिसमें नवाज़ हैदर व हमनवा ने सोज़ख़्वानी की मजलिस को ज़ाकिरे अहलेबैत जनाब सुल्तान हैदर साहब ने खिताब किया इंसानियत की ऐसी बेमिसाल पेश की जब कर्बला की जंग में दुश्मनी अदा करने वाले को अपने यहां पनाह दी थी और पानी पिलाया मजलिस के बाद हज़रत अब्बास अ0स0 का अलम शबीहे ताबूत हज़रत इमाम ज़ैनुलआब्दीन अ0स0 का जुलूस गांव की अंजुमन शमशीरे हैदरी ने गांव के सदर इमामबारगाह से होते हुए वकील साहब के इमामबारगाह से होते हुए पूरे गांव में गश्त करते हुए वापस मरहूम दरोगा जी के इमामबारगाह में ढंडा किया गया जुलूस में सलमान हैदर, शिराज़ हैदर,असलम ज़ैदी,इमरान ज़ैदी, शानू गांधी, गौहर, वसी हैदर और आज़म ज़ैदी मौजूद रहे।


