जौनपुर। हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी इमाम चौक मोहल्ला कटघरा में सफर की नौचन्दी जुमेरात को दिन में 9 बजे अलम का जूलूस उठा। जूलूस की स...

जौनपुर। हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी इमाम चौक मोहल्ला कटघरा में सफर की नौचन्दी जुमेरात को दिन में 9
बजे अलम का जूलूस उठा। जूलूस की सोज़खानी जनाब ज़ाकिर बड़ी मस्जिद व उनके साथियों ने की एवं मजलिस को खिताब किया आली ज़नाब मौलाना फज़ले मुमताज खां रन्नवी ने मौलाना ने कहा कि हजरत अब्बास (अ.स.) जैसा वफादार भाई आज तक दुनिया में पैदा नहीं हुआ और न होगा हजरत अब्बास बहादुरी व शुजाअत के साथ साथ इल्म के मैदान में भी उनका कोई सानी नहीं था। मौलाना ने एक शेर के जरिये कहा कि कब्जे़ में पूरी दरिया थी, फिर भी पानी पिया नहीं अब्बास की वफा की कोई इन्तेहा नहीं। हजरत अब्बास के मसायब को सुनकर मोमनिनों के आंखों से ज़ारो कतार आंसु बहने लगे बाद खत्म मजलिस अलम बरामद हुआ। जूलूस के हमराह अन्जुमन बज़्मे अज़ा कटघरा का दस्ता नौहा मातम करते हुये अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ मरकज़ी इमामबाड़ा कटघरा पहंुचकर सम्पन्न हुआ। जूलूस का संचालन तालिब रजा शकील एडवोकेट ने किया। उक्त अवसर पर सर्व श्री ज़यारत हुसैन, मिर्जा बाबर, तालिब रजा शकील, मिर्जा बाकर, मिर्जा जावेद सुल्तान, समाजसेवी ए एम डेज़ी, सैयद शहजादे, मिर्जा रूसेद, अरसद आलम एडवोकेट, एम एम हीरा, नजमी रिजवी, यावर खां, फैजी मुगल, सैफी, शादाब मिर्जा, इमरान अली व अन्य मोमनीन उपस्थित थे।
बजे अलम का जूलूस उठा। जूलूस की सोज़खानी जनाब ज़ाकिर बड़ी मस्जिद व उनके साथियों ने की एवं मजलिस को खिताब किया आली ज़नाब मौलाना फज़ले मुमताज खां रन्नवी ने मौलाना ने कहा कि हजरत अब्बास (अ.स.) जैसा वफादार भाई आज तक दुनिया में पैदा नहीं हुआ और न होगा हजरत अब्बास बहादुरी व शुजाअत के साथ साथ इल्म के मैदान में भी उनका कोई सानी नहीं था। मौलाना ने एक शेर के जरिये कहा कि कब्जे़ में पूरी दरिया थी, फिर भी पानी पिया नहीं अब्बास की वफा की कोई इन्तेहा नहीं। हजरत अब्बास के मसायब को सुनकर मोमनिनों के आंखों से ज़ारो कतार आंसु बहने लगे बाद खत्म मजलिस अलम बरामद हुआ। जूलूस के हमराह अन्जुमन बज़्मे अज़ा कटघरा का दस्ता नौहा मातम करते हुये अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ मरकज़ी इमामबाड़ा कटघरा पहंुचकर सम्पन्न हुआ। जूलूस का संचालन तालिब रजा शकील एडवोकेट ने किया। उक्त अवसर पर सर्व श्री ज़यारत हुसैन, मिर्जा बाबर, तालिब रजा शकील, मिर्जा बाकर, मिर्जा जावेद सुल्तान, समाजसेवी ए एम डेज़ी, सैयद शहजादे, मिर्जा रूसेद, अरसद आलम एडवोकेट, एम एम हीरा, नजमी रिजवी, यावर खां, फैजी मुगल, सैफी, शादाब मिर्जा, इमरान अली व अन्य मोमनीन उपस्थित थे।


