मोहल्ला कटघरा में नसीर साहब के नसीर हाउस में क़दीमी अशरा ऐ मजलिस तक़रीबन ३५ सालों से होती रही है | इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए जनाब...
मोहल्ला कटघरा में नसीर साहब के नसीर हाउस में क़दीमी अशरा ऐ मजलिस तक़रीबन ३५ सालों से होती रही है |इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए जनाब अहसन रिज़वी उर्फ़ नजमी साहब ने इस साल भी पहली सफर से दस सफर तक यह अशरा क़ायम रखा जिसमे आठ उलेमा और ज़किरीन ने पैगाम ऐ इंसानियत दिया जिसमे उन्होंने लोगों को पैगम्बर ऐ इस्लाम हज़रत मुहम्मद के नवासे की कर्बला में शहादत का मक़सद बताया और लोगों को हिदायत की के अगर वो इमाम हुसैन के इंसानियत पे पैगाम पे चले और इसे आगे बढ़ाएं तो दुनिया में भी शांति रहेगी और आख़िरत में भी कामयाबी मिलेगी |
इस मजलिसों की खिताबत का काम जौनपुर के मशहूर उलेमा और ज़किरीन ने किया |
१.मौलाना दिलशाद आबिदी साहब२.मौलाना मरगूब आलम साहब
३.मौलाना तनवीर हैदर खान साहब
४.मौलाना सईद मुबश्शिर हुसैन साहब
५.मौलाना शेख हसन जाफर साहब
६. ज़ाकिर ऐ अहलेबैत असलम नक़वी साहब
७.ज़ाकिर ऐ अहलेबैत जनाब सय्यद मोहम्मद मासूम साहब
८.ज़ाकिर ऐ अहलेबैत मोहम्मद हसन नसीम साहब
इस मजलिसों में सोअज़ ख्वानी जनाब महताब हुसैन और उनके साथियों ने किया पेशख्वानी जनाब तालिब राजा अधिवक्ता ने अंजाम दिया |
इस मजलिस ऐ अशरा के अंतिम दिन में बाद मजलिस एक जुलुस ऐ अज़ा बरामद हुआ जिसमे लोगों ने अलम हज़रत अब्बास अलमदार और तुर्बत ऐ सकीना की ज़ियारत की और नाम आँखों से नौहा पढ़ा और हुसैन पे हुए ज़ुल्म को याद कर के आंसू बहाया |
इन मजलिसों में शिरकत किया ज़ियारत हुसैन ,ज़ीशान हैदर बबलू , मिर्ज़ा बाक़र , शकील अधिवक्ता ,शहज़ादे साहब , मिर्ज़ा रुशैद ,फैसल,अली मंज़र डेज़ी ,अहमद और हैदर मेहदी और उलेमा ज़किरीन ने शिरकत किया |
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जुलूस के अंत में बानी ऐ जुलूस और अशरा जनाब अहसन रिज़वी उर्फ़ नजमी और मोहम्मद नसीर तहसीन ने सभी मोमिनीन और ज़किरीन का शुक्रिया अदा किया |


