रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) के गुंबद पर लगा काला झंडा रबीउलअव्वल में लाल हुआ | मोहर्रम शुरू होने से पहले ही कर्बला में रौज़ा ए हजरत अब्बास (अस...
रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) के गुंबद पर लगा काला झंडा रबीउलअव्वल में लाल हुआ |मोहर्रम शुरू होने से पहले ही कर्बला में रौज़ा ए हजरत अब्बास (अस) और रौज़ा ए इमाम हुसैन (अस) के गुंबद पर सबसे पहले लाल झंडे को हटाकर काला झंडा लगा दिया जाता है। यही नहीं वहां पर दीवारों पर भी काले कपड़े डाल दिए जाते हैं। इस सब के पीछे मंशा यह होती है कि गम के माहौल को बनाया जाए।
रबी ‘अवल का चाँद होने के बाद से इस महीने की शुरुआत के चलते हजरत अब्बास (अस) के रौज़े पे लगे काले झंडे को हटा के लाल झंडे लगा दिए गए है और आस पास भी जहां जहाँ ग़म ऐ हुसैन के महीने मुहर्रम सफर को ज़ाहिर करने के लिए काले झंडे लगे थे उसकी जगह लाल झंडे लगाय जा रहे हैं |

रौज़ा ए हजरत अब्बास (अस) और रौज़ा ए इमाम हुसैन (अस) के गुम्बद पे लगे लाल झंडे का मक़सद यह है की इस्लाम के तरीकों में जहां जंग ख़त्म हो जाती है वहाँ सफ़ेद झंडे लगते हैं लेकिन जहां जंग शुरू होने के बाद ख़त्म ना हो वहाँ लाल झंडे लगाय जाते है | ज़ालिम यज़ीद के साथ जंग शुरू हुयी कर्बला में लेकिन शहादत इमाम हुसैन (ा.स) अलमदार हज़रात अब्बास अलमदार के बाद भी ज़ुल्म के खलाफ इस्लाम की जंग , उनके चाहने वालों की तरफ से आज भी जारी है |
इमाम ऐ वक़्त इमाम ऐ ज़माना इमाम मेहदी (a .j ) के ज़हूर के बाद यह जंग खत्म होगी |


