मर्सिया का नाम आते ही मीर अनीस का नाम ज़रूर याद आता है | मीर अनीस के मर्सिया पढने का अंदाज़ तो आज किसी को याद नहीं लेकिन मीर अनीस की शागिर्द ...
मर्सिया का नाम आते ही मीर अनीस का नाम ज़रूर याद आता है | मीर अनीस के मर्सिया पढने का अंदाज़ तो आज किसी को याद नहीं लेकिन मीर अनीस की शागिर्द खानदान ऐ ज़ुल्क़दर बहादुर जौनपुर का अंदाज़ पिछली पांच नस्लों से मशहुर है और आज भी वही अंदाज़ जिंदा है मर्सिया पढने का जो मीर अनीस का कहा जाता था |
आप भी कुछ मर्सिये ज़ुल्क़दर खान बहादुर के पोते जनाब मुहम्मद अहसन उनके भाई जनाब अली अहसन और उनके बेटे जनाब हसन साहब के सुनिएं |फर्क आप को खुद महसूस होगा |


