जौनपुर । जहा एक तरफ दुनिया में अतंकवादियो द्वारा बेगुनाहों के खून बहाए जा रहे है वा समाज को बाटने का काम किया जा रहा है । वही विश्व पटल ...
जौनपुर । जहा एक तरफ दुनिया में अतंकवादियो द्वारा बेगुनाहों के खून बहाए जा रहे है वा समाज को बाटने का काम किया जा रहा है । वही विश्व पटल पर आदि काल से ही शांति के दूत के रूप में अपनी पहचान बना कर दुनिया में अमन और शांति का सन्देश अपनी गंगा जमुनी तहजीब से देने वाले जनपद के अमन का पैगाम देने का सिलसिला आज भी जरी है ।
बुधवार को जामिया इमाम जाफर सादिक में ऐसी ही एक भव्य रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ । जिसमे शिया- सुन्नी तो एक मंच पर दिखे ही तो वही हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल भी देखने को मिली । एक ही दस्तरखान पर सभी लोगो ने बिना किसी भेद भाव के इफ्तार कर अपनी गंगा जमुनी तहजीब और एकता का सन्देश दिया । इस मौके पर शिया धर्मगुरु मौलाना सफदर हसन जैदी ने कहा की अल्लाह ने कुरआन में इंसानियत और आपसी भाईचारगी का सन्देश दिया है । जाती और धर्म के आधार पर भेदभाव करने को सख्ती से रोका गया है । हमें चाहिए की समाज को तोड़ने के बजाय एक साथ खड़ा करने का काम करे । और दुनिया को सन्देश दे की हम मानवता और इंसानियत के रक्षक है । उन्होंने कहा की जनपद हमेशा से ही इस बात कि मिसाल पेश करता रहा है की यहाँ के हिन्दू और मुस्लिम एक दुसरे के कंधे से कन्धा मिलाकर सुख दुःख बाटने का काम करते रहे है । रमजान की खुसूसियत बयान करते हुए उन्होंने कहा की आज विज्ञानं भी इसकी जरूरत महसूस करने लगा है । उन्होंने कहा की रोजे का सबसे बड़ा मकसद इंसान का अपने नफस पर काबू पाना है । क्योकि इंसान नफस अर्थात इक्षाओ के वश में होने की वजह से रास्ता भटकता है । जब इक्षाए इंसान के बस में हो जाती है तो मंजिल उसके कदम चूमने लगती है । मौलाना ने कहा की रमजान की एक रात की इबादत हजार रात की इबादत पर भारी है । इस महीने में अल्लाह ने इंसान को अपनी गलती सुधारने और प्राश्चित करने का मौका दिया है । ऐसे में लोगो को किसी भी हॉल में अपनी गलतियों का प्राश्चित कर ईश्वर की नजदीकी प्राप्त करने का अवसर गवाना नहीं चाहिए । खुतबे के पूर्व दोनों समुदायो की नमाज जमात के साथ अदा हुयी । इसके बाद सभी लोगो ने एक साथ इफ्तार किया ।इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर रामजी सिंह यादव , सी ओ सिटी सर्वजीत शाही , सी ओ सदर अलका भटनागर , कोतवाल सी बी सिंह , ख्वाजा शमशीर हसन , नजमुल हसन नजमी , कमाल आजमी ,फिरोज अहमद ,हाजी जियाउद्दीन , मौलाना फजले मुमताज , मौलाना कैसर अब्बास , मोहम्मद मुस्तफा शमशी ,फैसल हसन तबरेज, हसनैन कमर दीपू ,जे डी सिंह ,सुहैल असगर खां , आरिफ हुसैनी, राजन मिश्रा, शाहिद मेहदी, मोहम्मद सोहराब आदि के साथ हजारो लोग मौजूद रहे ।



