अज़ादारी के नाम पे जो संस्थाएं बनी हैं और काम कर रही हैं वो क़ाबिल ऐ तारीफ हैं | उन सभी संथाओं से निवेदन है की अज़ादारी के जुलुस में ख़ास तौ...
अज़ादारी के नाम पे जो संस्थाएं बनी हैं और काम कर रही हैं वो क़ाबिल ऐ तारीफ हैं | उन सभी संथाओं से निवेदन है की अज़ादारी के जुलुस में ख़ास तौर पे इस बात का इंतज़ाम करें की |
१. किसी को फर्स्ट एड की ज़रुरत हो तो फ़ौरन मदद पहुंचे |
२. सबील लगाएं जिस से अज़ादारों और मातमदारों की प्यास बुझ सके |
३. जुलूस ऐ अज़ा में महरम और ना महरम एक साथ ना होते हुए अलग अलग ज़ियारत कर सकें इसका इंतज़ाम करें |
४. जुलूस के दौरान ट्रैफिक जाम ना हो और किसी राहगीर को तकलीफ ना पहुंचे |
५. मक़सद ऐ हुसैन को बयान करते हुए बैनर जुलूस के आगे लगाएं |
६. अंजुमने यदि जुलूस मी ज़्यादा आगे पीछे हो जाती हैं तो उन्हें एक साथ लाएं|
७.जुलूस वक़्त से उठे और वक़्त से ख़त्म हो और अपने सही रास्ते से ही जाय |
८. अज़ादारों और राह चलने वालों से प्रेम पूर्वक बात करें जिस से ज़ाहिर ही की सब हुसैनी हैं |
यक़ीनन इन सभी खिदमात का सिला अल्लाह देगा |
२. सबील लगाएं जिस से अज़ादारों और मातमदारों की प्यास बुझ सके |
३. जुलूस ऐ अज़ा में महरम और ना महरम एक साथ ना होते हुए अलग अलग ज़ियारत कर सकें इसका इंतज़ाम करें |
४. जुलूस के दौरान ट्रैफिक जाम ना हो और किसी राहगीर को तकलीफ ना पहुंचे |
५. मक़सद ऐ हुसैन को बयान करते हुए बैनर जुलूस के आगे लगाएं |
६. अंजुमने यदि जुलूस मी ज़्यादा आगे पीछे हो जाती हैं तो उन्हें एक साथ लाएं|
७.जुलूस वक़्त से उठे और वक़्त से ख़त्म हो और अपने सही रास्ते से ही जाय |
८. अज़ादारों और राह चलने वालों से प्रेम पूर्वक बात करें जिस से ज़ाहिर ही की सब हुसैनी हैं |
यक़ीनन इन सभी खिदमात का सिला अल्लाह देगा |
यह सभी संस्थाएं ऐसे लोगों को शामिल ना करें जिनका मक़सद अज़ादारों को सेवाएं देना कम और अधिकारीयों के साथ तस्वीर खिंचवाना और अपने ओहदे का ऐलान करते रहना हो |



